Tarun

त्रिज्ञान : आत्मज्ञान प्रश्नोत्तर भाग ३

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२०२६-१०-२८ अवधि: ३४:५२ बार सुना गया: १ १२८ kbps · ४८ kHz
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विवरण

११ - ज्ञान स्थायी क्यों नहीं होता? चित्त स्वयं स्थिर क्यों नहीं हो जाता?
१२ - सभी मैं हूँ यही सच्चा प्रेम है फिर सभी में नफरत ही क्यों है प्रेम भाव क्यों नहीं? सभी मैं हूँ फिर सबका व्यवहार अलग कैसे?
१३ - न मैं कुछ कर पाता हूँ न मुझे कोई सुख-दुःख होता है, तो क्या मैं निर्जीव हूँ?
१४ - आत्मज्ञान के बाद मुझे क्या करना चाहिए?
१५ - मेरा रचयिता कौन है?
१६ - न मैं जीव हूँ न ये मेरा जीवन है फिर मेरे जीवित रहने का क्या अर्थ है?