Anagaami/ अनागामी

स्मृति के नियम : भाग - २ | संभावना, नाद और स्मृति

Anagaami/ अनागामी

२०२६-१०-३१ अवधि: २७:१८ बार सुना गया: १२ १२८ kbps · ४४.१ kHz
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विवरण

**स्मृति के नियम | अस्तित्व, अनंत संभावना और स्मृति की उत्पत्ति**
Pure Experiences के शृंखला - Laws of Memory का हिन्दी रूपांतरण ।
क्या यह अस्तित्व वास्तव में वैसा ही है, जैसा हमें दिखाई देता है? इस एपिसोड में हम शून्य, अनंत संभावना, ज्ञान और अज्ञान, कंपन या नाद तथा स्मृति की मूलभूत अवधारणाओं की दार्शनिक यात्रा करेंगे। जानेंगे कि किस प्रकार द्विआधारी अवस्थाओं के परिवर्तन से कंपन और कंपन के प्रतिरूपों से स्मृति की कल्पना की जाती है। रंग, ध्वनि, स्वाद, गंध, स्पर्श, भावनाएँ और विचार जैसे अनुभवों को अविभाज्य अनुभवों (तन्मात्राओं) के संदर्भ में समझेंगे। क्या स्मृति केवल हमारा व्यक्तिगत अनुभव है, या इसे अस्तित्व की स्मृति भी कहा जा सकता है? आइए, इस रहस्यपूर्ण चिंतन यात्रा में सहभागी बनें।

अंग्रेजी संस्करण का लिंक - https://www.youtube.com/watch?v=yHg9w6Ua7kE

ज्ञानमार्ग - https://gyanmarg.guru

**बोधि दीप प्रस्तुति**