परोक्ष


परिभाषा

  • परोक्ष वह जानकारी, कथन या तथाकथित ज्ञान है जो स्वयं के सीधे अपरोक्ष अनुभव से प्राप्त नहीं होता, बल्कि अन्य व्यक्तियों, पुस्तकों, शास्त्रों या सामाजिक मतारोपण के माध्यम से मिलता है।
  • परोक्ष ज्ञान वास्तव में अज्ञान और अंधविश्वास का ही एक परिष्कृत रूप है।

मुख्य शिक्षाएं

  • किसी भी शास्त्र में लिखी हुई बात या किसी गुरु द्वारा कही गई बात जब तक साधक के स्वयं के अनुभव में प्रमाणित न हो, तब तक उसे केवल परोक्ष सूचना ही माना जाएगा।
  • परोक्ष ज्ञान व्यक्ति को सच्चा तत्वज्ञान नहीं दे सकता, बल्कि यह केवल तार्किक और बौद्धिक अहंकार (दंभ) को बढ़ाता है, जिससे साधक स्वयं को अज्ञानी मानने से इनकार कर देता है।
  • ज्ञानमार्ग पर परोक्ष धारणाओं और अमान्य साधनों से प्राप्त सूचनाओं को पूरी तरह से नकारना पड़ता है ताकि वास्तविक सत्य प्रकाशित हो सके।
  • साधक के लिए केवल वही ज्ञान उपयोगी और प्रामाणिक है जो उसके अपने अपरोक्ष अनुभव और ठोस तर्क की कसौटी पर सौ प्रतिशत खरा उतरता है।

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