उपनिषद
वेदों के उत्तरार्द्ध भाग हैं। उपनिषद
ब्रह्म और
आत्मा की एकता सिखाते हैं।
ज्ञानमार्ग पर, उपनिषद
शास्त्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
मुख्य शिक्षाएं
- उपनिषद वेदांत (वेदों का अंत) कहलाते हैं - इनमें अद्वैत का दर्शन निहित है।
- महावाक्य - 'तत्त्वमसि' (तू वही है), 'अहं ब्रह्मास्मि' (मैं ब्रह्म हूं), 'प्रज्ञानं ब्रह्म' (प्रज्ञान ब्रह्म है), 'अयमात्मा ब्रह्म' (यह आत्मा ब्रह्म है) - उपनिषदों के सार हैं।
- उपनिषदों का अध्ययन श्रवण (सुनना) से शुरू होता है, पर अपरोक्ष अनुभव के बिना पूरा नहीं होता।
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