परिभाषा
- मार्ग वह आध्यात्मिक पद्धति, साधना या जीवन जीने का तरीका है जो जीव को उसके अज्ञान के बंधनों से मुक्त करके परम सत्य (ब्रह्म) की ओर ले जाता है।
- ज्ञानमार्ग को सभी मार्गों में अंतिम और 'मार्गहीन मार्ग' माना गया है।
मुख्य शिक्षाएं
- सत्य तक पहुँचने के कई मार्ग हैं, जैसे भक्तिमार्ग, योगमार्ग, शक्तिमार्ग, कर्ममार्ग, तंत्रमार्ग और ज्ञानमार्ग; साधक अपने चित्त की योग्यता के अनुसार मार्ग का चुनाव करता है।
- भक्तिमार्ग, योगमार्ग, तंत्र आदि क्रिया-प्रधान या भावना-प्रधान मार्ग हैं जो चित्त को शुद्ध करने में सहायक हैं; परंतु तत्वज्ञान के लिए अंततः ज्ञानमार्ग पर ही आना पड़ता है।
- ज्ञानमार्ग अन्य मार्गों की भांति कोई प्रगतिशील मार्ग नहीं है; यहाँ कुछ नया प्राप्त करने या बनने की क्रिया नहीं होती, बल्कि केवल अज्ञान का नाश होता है।
- एक बार सत्य (आत्मज्ञान) का बोध होने पर सभी प्रकार के मार्ग, साधनाएँ और खोज सदा के लिए समाप्त हो जाती हैं; यही मार्ग का अंतिम पड़ाव है।