परिभाषा
- श्रवण ज्ञानमार्ग के तीन मुख्य अभ्यासों में पहला है - गुरु या शास्त्र से ज्ञान को सुनना और ग्रहण करना।
मुख्य शिक्षाएं
- श्रवण के लिए पूर्वाग्रहमुक्त होना आवश्यक है - पहले से बनी मान्यताओं को स्थायी रूप से स्थगित करना।
- श्रवण का उद्देश्य ज्ञान को सही ढंग से समझना है - इसमें संशय और स्पष्टीकरण का स्थान है।