मुख्य शिक्षाएं
- धैर्य — बिना जल्दबाजी के, समय लगने पर भी साधना जारी रखना।
- दृढ़ता — अवरोध आने पर भी मार्ग पर बने रहना।
- ज्ञानमार्ग में धैर्य आवश्यक है — आत्मज्ञान तुरंत नहीं होता, इसमें समय लगता है।
- तितिक्षा (सहनशीलता) धैर्य का ही एक रूप है — षट सम्पत्ति का पांचवां गुण।