धैर्य और दृढ़ता


धैर्य और दृढ़ता साधक के दो महत्वपूर्ण गुण हैं। ज्ञानमार्ग में ये साधक को लक्ष्य तक पहुंचने में सहायता करते हैं।

मुख्य शिक्षाएं

  • धैर्य — बिना जल्दबाजी के, समय लगने पर भी साधना जारी रखना।
  • दृढ़ता — अवरोध आने पर भी मार्ग पर बने रहना।
  • दृढ़ता के बिना साधक पहले अवरोध पर ही मार्ग छोड़ देता है।

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