Wise Words
वर्गीकरण का आधार मानदंड
सत्यम
मानदंड क्या होते हैं? मानदंड वे "आधार" है जिनके बल पर कोई भी वर्गीकरण किया जा सकता है। जैसे सुन्दर और कुरूप, सत्य असत्य, ज्ञान अज्ञान, अच्छा बुरा आदि आदि। मानदंड तय करने/बनाने का कारण क्या है? मानदंड निर्धारित कर लेने से वर्गीकरण करने में मदद मिलती है। मानदंड जीवन को आसान बनाते हैं क्योंकि हर बार वही मानदंड लगाकर चीज़ों को वर्गों में विभाजित किया जा सकता है। मानदंड कैसे बनाए जाते हैं? मानदंड बनाने के लिए बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। जो मानदंड पूर्णतया स्थिति अनुसार सही जानकारी दे। वही सही मानदंड होना चाहिए। उस मानदंड को लागू करके देखना चाहिए (अपरोक्ष अनुभव), क्या यह सही काम करता है? क्या यह तार्किक है(तर्क)? मानदंड कब और कहां बनाए जाते हैं? जब किन्हीं अनुभव आदि को किसी वर्गीकरण में बांटने की आवश्यकता होती है तब कुछ "आधार" चाहिए होते हैं जिन पर आधारित वर्गीकरण किया जा सके। जिससे उनका और उन्नत ज्ञान संभव हो सके। मानदंड व्यक्तिनिष्ठ होते हैं। सभी अपने मानदंड रखने के लिए स्वतंत्र हैं। परन्तु अक्सर देखा जाता है कि समाज दूसरों पर अपने मानदंड थोप देता है। जिसके कारण लगभग ९० % लोगों के मानदंड रूढ़ियां आदि होते हैं। हर कोई अपने मानदंड बना सकता है। और यदि आपने ध्यान दिया हो कुछ चुनिंदा लोग अपने मानदंड समाज से थोड़े अलग रखते हैं। जिनका दृष्टिकोण चीजों को लेकर समाज से अलग पाया जाता है। ये लोग अक्सर नयापन चाहते हैं। ये रूढ़ियों को स्वीकार नहीं करते। और यही लोग समाज में कुछ अलग कर पाते हैं जैसे: कोई शोध, कोई प्रयोग, कोई क्रांति आदि। मानदंड बदलने पर अक्सर परिणाम बदल जाते हैं। जैसे: यदि सुंदर और असुंदर का वर्गीकरण के लिए कोई मानदंड बनाया जा रहा है। उदाहरण के लिए: १)मानदंड उदाहरण एक: "जो देखने में सुंदर है केवल वह ही सुंदर है।" सुंदर: सभी सुंदर दिखाई देने वाले फल, फूल, बाग बगीचे, सभी केवल सुंदर दिखने वाले लोग, दृश्य, अनुभव आदि। असुंदर: जो भी सुन्दर "दिखाई" नहीं देता। बुरे दिखने वाले फल सब्जियां, सुंदर न दिखने वाले मनुष्य आदि। २) मानदंड उदाहरण दो: "जो व्यक्ति के काम आए वही सुंदर है।" सुंदर: सभी प्रकार के पौष्टिक भोजन, वे सभी पशु पक्षी जो मनुष्य के लिए किसी न किसी प्रकार से लाभकारी है। प्रकृति का केवल उतना भाग जो व्यक्ति के अनुकूल है और किसी न किसी प्रकार से उसके काम आ सकता है। असुंदर: जो व्यक्ति के लिए किसी भी प्रकार से लाभकारी नहीं है। सभी दूसरी आकाशगंगाए, सभी हिंसक पशु पक्षी, सभी प्राकृतिक आपदाएं, स्वयं मनुष्य जो एक दूसरे का बुरा चाहते है। ३) मानदंड उदाहरण तीन: "जो भी प्राकृतिक है होना आवश्यक है वही सुंदर है।" सुंदर: सबकुछ ही सुंदर है क्योंकि यहां जो कुछ भी हो रहा है उसका होना आवश्यक है। असुंदर: कुछ भी असुंदर नहीं है। यहां तक कि असुंदर और सुंदर के मानदंड बनाना भी सुंदर है क्योंकि यही आवश्यक है। और यही हो रहा है। निष्कर्ष: इस प्रकार पूरा का पूरा वर्गीकरण मानदंडों पर आधारित है। जैसे मानदंड होंगे वैसे ही वर्गीकरण होगा। इसीलिए मानदंड हमेशा एक वृहद दृष्टिकोण से, अपरोक्ष अनुभव और तर्क पर आधारित होना चाहिए। प्रणाम
Share This Article
Like This Article
© Gyanmarg 2024
V 1.2
Privacy Policy
Cookie Policy
Powered by Semantic UI
Disclaimer
Terms & Conditions