परिभाषा
- परंपरा ज्ञान, सिद्धांतों, व्यावहारिक आचरण और आध्यात्मिक विधियों का वह प्रवाह है जिसे एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक हस्तांतरित किया जाता है।
- ज्ञानमार्ग पर परंपराओं का सम्मान तो किया जाता है, परंतु किसी भी मत या प्रथा का बिना जांचे-परखे अंधानुकरण करना पूरी तरह वर्जित है।
मुख्य शिक्षाएं
- परंपरा को बिना सोचे-समझे और बिना विवेक के स्वीकार कर लेना अज्ञान का एक प्रमुख साधन है, क्योंकि कलयुग में अधिकतर परंपराएं और शास्त्र कालक्रम में विकृत हो चुके हैं।
- ज्ञानमार्ग की सर्वमान्य और सबसे प्राचीन परंपरा गुरु-शिष्य परंपरा है, जहां गुरु सीधे अपने प्रयोगात्मक अनुभवों से शिष्य का मार्गदर्शन करता है।
- साधक के लिए यह आवश्यक है कि वह परंपरा से प्राप्त किसी भी वाक्य या विधि का सत्यापन स्वयं के अपरोक्ष अनुभव और ठोस तर्क की कसौटी पर करे।
- सभी प्रबुद्ध गुरुओं और शास्त्रों का सत्य मूलतः एक ही है, परंतु परंपराओं के बाह्य भेद केवल व्यावहारिक सुविधा के लिए गढ़े गए हैं।