भौतिक


परिभाषा

  • भौतिक (या भौतिकता) अस्तित्व का वह स्थूल रूप है जो पंचमहाभूतों (पृथ्वी, जल, तेज, वायु, आकाश) से निर्मित प्रतीत होता है।
  • यह अनुभव का वह क्षेत्र है जो बाह्य इंद्रियों और यंत्रों द्वारा मापा व जाना जाता है।

मुख्य शिक्षाएं

  • यथार्थ में भौतिक और मानसिक रचनाओं में कोई बुनियादी अंतर नहीं है; जिस नादरचना का अनुभव बाह्य इंद्रियां करती हैं उसे भौतिक कह दिया जाता है, और जिसे बिना इंद्रियों के जाना जाता है उसे मानसिक।
  • भौतिक वस्तुएं और स्थूल शरीर क्षण-क्षण बदल रहे हैं; इसलिए सत्य के मानदंड के अनुसार संपूर्ण भौतिक प्रपंच असत्य (मिथ्या या माया) है।
  • भौतिकतावाद अज्ञान का वह रूप है जो केवल दिखाई देने वाली स्थूल वस्तुओं को ही एकमात्र सत्य मान लेता है और अपनी चेतना को संकुचित कर लेता है।
  • अनुभवकर्ता किसी भी भौतिक पदार्थ का नहीं बना है; वह सर्वथा देशातीत, समयहीन और शुद्ध सत्य स्वरूप है।

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