भ्रम (संस्कृत: भ्रम)
अनुभव का वह रूप है जिसमें कोई चीज़ वैसी नहीं दिखती जैसी वह है। भ्रम
अज्ञान का एक रूप है। यह
विपर्यय से संबंधित है।
ज्ञानमार्ग पर, भ्रम का नाश
ज्ञान द्वारा होता है।
मुख्य शिक्षाएं
- भ्रम — वास्तविकता का गलत बोध, जैसे रस्सी को सांप समझना।
- आत्मज्ञान से सभी भ्रम दूर हो जाते हैं — सत्य स्वयं प्रकट होता है।
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