आगामी कर्म ,
कर्म के तीन प्रकारों में से एक है - वह कर्म जो वर्तमान क्षण में किए जा रहे हैं और भविष्य में फल देंगे।
मुख्य शिक्षाएं
- आगामी कर्म वर्तमान में किए गए कर्म हैं जिनका फल भविष्य में भोगा जाएगा।
- आत्मज्ञान के बाद आगामी कर्म नहीं बनते - क्योंकि कर्ता का भाव समाप्त हो जाता है।
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