मुख्य शिक्षाएं
- अनुभवकर्ता परम सत्य है - वह सभी अनुभवों में एक समान विद्यमान है। वह अपरिवर्तनीय, नित्य, अविनाशी है।
- जगत परम सत्य नहीं - वह व्यवहारिक सत्य है, क्योंकि वह बदलता है।
- परम सत्य अज्ञेय है - उसे शब्दों में नहीं बांधा जा सकता, केवल हुआ जा सकता है। वही आप हैं ।