परिभाषा
- सूचना बाह्य माध्यमों से प्राप्त होने वाले चिन्हों, अक्षरों, ध्वनियों या कथनों का वह संकलन है जो केवल ज्ञान की ओर संकेत करता है, स्वयं ज्ञान नहीं है।
- यह स्मृति में केवल चिह्नों के अनुभव के रूप में संग्रहीत होती है।
मुख्य शिक्षाएं
- जनमानस में यह भ्रांति है कि सूचना ही ज्ञान है; यथार्थ में सूचना केवल चिह्नों का अनुभव मात्र है जो बिना प्रयोग के अज्ञान का ही साधन बनी रहती है।
- ग्रंथ, पुस्तकें, व्याख्यान और स्वयं गुरु भी केवल सूचना के ही स्रोत हैं, न कि सीधे ज्ञान के।
- सूचना को वास्तविक ज्ञान में बदलने के लिए उसका व्यावहारिक प्रयोग करके अपने सीधे अपरोक्ष अनुभव द्वारा सत्यापन करना अनिवार्य है।
- अज्ञानी व्यक्ति केवल सूचनाओं और बौद्धिक तथ्यों के पहाड़ खड़े कर लेता है, जिससे उसकी बुद्धि जड़ और दंभी हो जाती है।