मुख्य शिक्षाएं
- केवल एक ही अनुभवकर्ता है, जो सभी अनुभवों का साक्षी है।
- अनेक अनुभवकर्ताओं का भ्रम अज्ञान के कारण है - प्रत्येक शरीर में एक अलग अनुभवकर्ता की मान्यता स्वयं को न जानने के कारण है ।
- अनुभवकर्ता अस्तित्व का ही आयाम है - और अस्तित्व एक है, अनेक नहीं।