मुख्य शिक्षाएं
- अस्तित्व किसी स्थान विशेष में समाहित नहीं है, बल्कि सभी स्थान, लोक और ब्रह्मांड अस्तित्व के भीतर ही प्रतीत होते हैं।
- अस्तित्व सर्वव्यापी है, जिसका अर्थ है कि ऐसा कोई रिक्त स्थान नहीं है जहाँ अस्तित्व न हो।
- स्थान अस्तित्व में प्रकट होते हैं, अस्तित्व किसी स्थान में प्रकट नहीं हो सकता।