परिभाषा
- कारण वह निमित्त, आधार या ऊर्जा है जो किसी प्रभाव या घटना को जन्म देती है।
- ज्ञानमार्ग के सात मूल प्रश्नों में से 'क्यों' प्रश्न का अपेक्षित उत्तर हमेशा कारण ही होता है।
मुख्य शिक्षाएं
- कारण और प्रभाव की अवधारणा केवल सीमित घटनाओं, परिवर्तनशील अनुभवों और भौतिक-अभौतिक वस्तुओं पर लागू होती है, संपूर्णता पर नहीं।
- अस्तित्व स्वयं पूरी तरह से कारणहीन और स्वयंभू है; इसका कोई बाह्य कारण नहीं हो सकता क्योंकि समस्त कारण इसके भीतर ही समाहित हैं।
- अनुभवकर्ता भी पूरी तरह कारणहीन है। यदि अनुभवकर्ता का कोई कारण माना जाए, तो वह कारण स्वयं एक अनुभव होगा, और उस पूरे प्रपंच का साक्षी पुनः अनुभवकर्ता ही होगा।
- कारण-प्रभाव के मूलभूत नियम के अनुसार, कारण से प्रभाव में रूपांतरण होने पर भी मूल तत्व नहीं बदलता (जैसे मिट्टी से घड़ा बनने पर तत्व मिट्टी ही रहता है)।