मुख्य शिक्षाएं
- जागृत अवस्था में पांच ज्ञानेंद्रियां (देखना, सुनना, सूंघना, चखना, छूना) सक्रिय होती हैं।
- यह स्थूल शरीर की अवस्था है — जहां भौतिक जगत के अनुभव होते हैं।
- जागृत अवस्था को 'वास्तविक' माना जाता है, पर ज्ञानमार्ग में यह भी माया का ही रूप है।
- स्वप्न अवस्था और सुषुप्ति अवस्था के साथ यह तीनों अवस्थाओं में से एक है।
- अनुभवकर्ता तीनों अवस्थाओं में एक समान है — वह किसी अवस्था से बंधा नहीं।