राग किसी
वस्तु या
अनुभव से आसक्ति या लगाव है। राग
द्वेष के विपरीत है। ये दोनों
भावनाओं के मूल हैं।
ज्ञानमार्ग पर, राग और द्वेष से मुक्त होना
साधक के विकास का एक चरण है।
मुख्य शिक्षाएं
- ज्ञानमार्ग का लक्ष्य राग और द्वेष से मुक्त होना है — समता प्राप्त करना।
देखें