परिभाषा
- अकर्म का अर्थ है 'बिना कर्म के' — वह स्थिति जहां नया कर्म नहीं बनता।
मुख्य शिक्षाएं
- अकर्म कोई क्रिया का अभाव नहीं — यह कर्ता भाव का अंत है।
- अनुभवकर्ता अकर्म है — वह कुछ भी नहीं करता, केवल साक्षी है।
- अकर्म संचित कर्म के नाश से आता है — पुराने कर्म भोगे जाते हैं, नए नहीं बनते।