परिभाषा
- इंद्री (या इंद्रिय) चित्त का वह विशिष्ट भाग या प्रणाली है जो अस्तित्व के बाह्य या आंतरिक परिवर्तनों से प्रतिक्रिया करके अनुभूति (तन्मात्राओं) को जन्म देती है।
- इंद्रियां वे माध्यम या द्वार हैं जिनके द्वारा चेतना को सीमित और संकीर्ण अनुभव प्राप्त होते हैं।
प्रकार
इंद्रियों को मुख्यतः पाँच श्रेणियों (
इंद्रियक्रम) में बांटा गया है:
- बाह्यइंद्रियां (पंच ज्ञानेंद्रियां),
- शरीरेंद्रियां (शारीरिक गति नापने वाली),
- अंतरेंद्रियां (भूख, प्यास, मल-मूत्र की),
- मानसिकेंद्रियां (विचार, भावना की) और
- सूक्ष्मेंद्रियां (स्वप्न और अन्य लोकों की)।
मुख्य शिक्षाएं
- इंद्रियां स्वयं असत्य (मिथ्या) और अविश्वसनीय हैं; वे जगत को वैसा नहीं दिखातीं जैसा वह वास्तव में है, बल्कि केवल उत्तरजीविता के लिए उपयोगी रूप गढ़ती हैं।
- इंद्रियों का मुख्य कार्य अनुभव कराना नहीं, बल्कि अनुभवों को छानना और सीमित करना है ताकि जीव असीमित संभावनाओं के कोलाहल से बचकर जीवित रह सके।
- अनुभवकर्ता इंद्रियों के इस संपूर्ण प्रपंच से सर्वथा परे उनका साक्षी है; इंद्रियों के नष्ट होने (जैसे मृत्यु) से अनुभवकर्ता की सत्ता प्रभावित नहीं होती।
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