परिभाषा
- उपकरण वह साधन, यंत्र या माध्यम है जिसके द्वारा अनुभवों को ग्रहण, संसाधित और ज्ञान के रूप में व्यवस्थित किया जाता है।
- ज्ञानमार्ग पर, चित्त ही ज्ञानार्जन का एकमात्र अंतिम और सबसे बड़ा उपकरण है।
मुख्य शिक्षाएं
- बाह्य जगत को नापने वाले सभी वैज्ञानिक यंत्र, भौतिक उपकरण या शरीर की इंद्रियां अंततः केवल सहायक उपकरण हैं; अंतिम रूप से सभी अनुभवों का प्रसंस्करण चित्त में ही होता है।
- बुद्धि चित्त का वह तीक्ष्ण उपकरण है जिसका कार्य सत्य-असत्य का भेद करना, तर्क करना और अज्ञान की पुरानी परतों को काटना है।
- यह भौतिक शरीर भी नादरचनाओं से निर्मित एक अत्यंत जटिल जैविक उपकरण या मनोशरीर यंत्र है, जो जीव को द्वैत का अनुभव कराने के काम आता है।
- अनुभवकर्ता स्वयं कोई उपकरण नहीं है; वह इन सभी उपकरणों और उनके द्वारा होने वाली समस्त क्रियाओं का अचल साक्षी है।