धारणाएं


परिभाषा

  • धारणा (या धारणाएं) चित्त में बनने वाली वे कल्पित मान्यताएं, विश्वास या मानसिक छवियां हैं जिन्हें बिना किसी अपरोक्ष अनुभव या ठोस तर्क के सत्य मान लिया जाता है।
  • ज्ञानमार्ग पर इन्हें अज्ञान का साधन और मुक्ति के मार्ग में सबसे बड़ा अवरोध माना गया है।

मुख्य शिक्षाएं

  • संसारी जीवन में जीव तरह-तरह की धारणाएं बना लेता है (जैसे 'सुख वस्तुओं में है'), जो मतारोपण, अनुकूलन और सामाजिक अंधविश्वासों से उत्पन्न होती हैं।
  • एक अन्य संदर्भ में, चित्त की उस प्रक्रिया को भी धारणा (perceptual) कहते हैं जिसके द्वारा वह नादरचनाओं के जटिल संकेतों को इंद्रियों के माध्यम से 'वस्तु' या 'स्थान' के रूप में व्यवस्थित करके प्रस्तुत करता है।
  • योगदर्शन के अनुसार, जब साधक का ध्यान दीर्घकालिक और एकाग्र हो जाता है, तो उसे धारणा कहते हैं; जिसका अर्थ है एक ही विषय को चित्त में स्थायी रूप से बनाए रखना।
  • ज्ञानमार्ग पर सभी भ्रामक धारणाओं और अज्ञानपूर्ण विश्वासों की परीक्षा अपरोक्ष अनुभव और ठोस तर्क की कसौटी पर करके उन्हें समूल नष्ट किया जाता है।

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