मनुष्य योनि ज्ञानमार्ग की एक अवधारणा है। यह जन्म का वह रूप है जिसमें आत्मज्ञान संभव है। मनुष्य योनि विकास की एक विशेष अवस्था है जहां विवेक और चेतना पर्याप्त रूप से विकसित होती हैं।
मुख्य शिक्षाएं
मनुष्य योनि को दुर्लभ माना गया है — यह आत्मज्ञान के लिए सर्वश्रेष्ठ है।