संचित


यह संचित कर्म का संक्षिप्त रूप है। संचित — वह कर्म जो संचित हो गया है पर अभी फल देना शुरू नहीं किया।

मुख्य शिक्षाएं

  • आत्मज्ञान संचित कर्मों को नष्ट कर देता है — वे फल नहीं दे सकते।

देखें


Edit This Article History