अज्ञेयता


अज्ञेयता वह अवस्था है जिसमें जानने योग्य कुछ भी नहीं बचता। अज्ञान का संपूर्ण नाश हो जाता है । परंतु कोई ज्ञान होने का दावा नहीं किया जाता ।

ज्ञानमार्ग पर, अज्ञेयता नकारात्मक ज्ञान का परिणाम है। जब सभी मिथ्या या अज्ञान को हटा दिया जाता है, तो जो बचता है वह अज्ञेय है।

अज्ञेयता अज्ञेयवाद का अनुभवात्मक पक्ष है। यह साधक की अंतिम स्थिति है । यहाँ केवल आनंद , मौन और शांति बचती है ।

देखें : अज्ञेय, अज्ञेयवाद, अज्ञेयवादी, ज्ञान, अज्ञान, ज्ञात, अज्ञात

Edit This Article History