दर्शन


परिभाषा

  • दर्शन (या दर्शनशास्त्र) अस्तित्व, सत्य, ज्ञान और जीवन के मूल सिद्धांतों का बौद्धिक, तार्किक और प्रयोगात्मक अनुसंधान है।
  • भारतीय अध्यात्म परंपरा में दर्शन का अर्थ 'सत्य के साक्षात् दर्शन करना' या उसे प्रत्यक्ष रूप में देखना है।

मुख्य शिक्षाएं

  • दर्शन केवल बौद्धिक विचारों या ग्रंथों को रटने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वयं के अपरोक्ष अनुभव और ठोस प्रमाण पर आधारित होना चाहिए।
  • व्यावहारिक जीवन में विसत्य (सापेक्षिक सत्य) उपयोगी हो सकता है, परंतु दर्शन में केवल वही सत्य स्वीकार्य है जो सदैव अपरिवर्तनीय और नित्य रहता है।
  • विभिन्न दार्शनिक प्रणालियाँ सत्य तक पहुँचने के भिन्न-विभिन्न दृष्टिकोण और प्रतिरूप (मॉडल) प्रस्तुत करती हैं, परंतु परम सत्य केवल एक ही है।

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