परिभाषा
- तत्व (या सार) किसी भी वस्तु या अनुभव का वह सबसे महत्वपूर्ण, अविनाशी और अपरिवर्तनीय भाग है जिसे हटाया नहीं जा सकता।
- तत्व किसी भी वस्तु या घटना की न्यूनतम व्याख्या है; यह वह मूल पदार्थ है जिसके द्वारा उसका 'होना' संभव होता है।
मुख्य शिक्षाएं
- केवल तत्व का ही स्वतंत्र अस्तित्व होता है; जबकि नामरूप केवल तत्व पर इंद्रियों और चित्त द्वारा आरोपित किए गए अस्थाई और परिवर्तनशील आवरण हैं।
- जैसे लकड़ी की टेबल का मूल तत्व 'लकड़ी' है और घड़े का मूल तत्व 'मिट्टी' है; टेबल का आकार या घड़े का रूप नष्ट होने पर भी उनका तत्व कभी नष्ट नहीं होता।
- ज्ञानमार्ग के परम सत्य के मानदंड पर, जो भी बदल जाता है वह तत्व नहीं है। इस प्रकार, संपूर्ण परिवर्तनशील जगत असत्य (मिथ्या) है और केवल अपरिवर्तनीय अनुभवकर्ता ही वास्तविक तत्व है।
- अस्तित्व का अंतिम तत्व शून्यता (शून्य) ही आता है; जो आकारहीन होते हुए भी अनंत संभावनाओं और संपूर्णता का आधार है।