विसत्य


परिभाषा

  • विसत्य वह सापेक्षिक, व्यावहारिक या कामचलाऊ सत्य है जो परमार्थ सत्य (अपरिवर्तनीय) तो नहीं है, परंतु जीवन की उत्तरजीविता, सामाजिक व्यवस्था और व्यवहार को सुचारु रूप से चलाने के लिए सत्य मान लिया जाता है।

मुख्य शिक्षाएं

  • संसार की सभी चीजें परिवर्तनशील होने के कारण वास्तव में असत्य (मिथ्या) हैं, लेकिन व्यवहार चलाने के लिए उनमें स्थायित्व की कल्पना करना (जैसे शरीर या समय को सच मानना) विसत्य कहलाता है।
  • विसत्य की अत्यधिक शैक्षणिक उपयोगिता होती है; बुद्धिमान गुरु विषय को सरल करने के लिए शिष्य को पहले विसत्य की शिक्षा देता है और बाद में परम सत्य की ओर ले जाता है।
  • जो जीवन के लिए उपयोगी और हितकारी है, सांसारिक अर्थों में उसे ही सत्य कह दिया जाता है; यही विसत्य है।
  • अज्ञानी व्यक्ति विसत्य को ही परम सत्य मानकर उसमें आसक्त हो जाता है, जबकि साधक इसका केवल एक साधन के रूप में उपयोग करता है और इसके प्रति अनासक्त रहता है।

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