परिभाषा
- साक्ष्य का खंडन ज्ञानमार्ग पर प्रयुक्त होने वाली वह समालोचनात्मक तार्किक प्रक्रिया है जिसके द्वारा भ्रामक, अपर्याप्त और अमान्य साधनों की असत्यता को सिद्ध करके उन्हें अस्वीकार किया जाता है।
- यह बुद्धि को शुद्ध करने और सत्य के प्रकटीकरण का एक अनिवार्य मार्ग है।
मुख्य शिक्षाएं
- साक्ष्य का खंडन किसी सत्य को दबाने के लिए नहीं, बल्कि चित्त पर थोपे गए अज्ञान और अंधविश्वास की परतों को हटाने के लिए किया जाता है।
- ज्ञानमार्ग पर उन सभी पारंपरिक साधनों (जैसे उपमा, अर्थापत्ति, या केवल शाब्दिक प्रमाण) के साक्ष्यों का खंडन किया जाता है जो सीधे अपरोक्ष अनुभव और ठोस तर्क की कसौटी पर खरे नहीं उतरते।
- खंडन की इस तार्किक प्रक्रिया में बुद्धि की समालोचनात्मक क्षमता और तर्कदोष की सूक्ष्म पहचान का उपयोग किया जाता है।
- जब अज्ञानपूर्ण साक्ष्यों का खंडन हो जाता है, तब केवल स्वतः सिद्ध और अखंड सत्य ही शेष रहता है, जिसे नकारा नहीं जा सकता।