तर्कदोष


परिभाषा

मुख्य शिक्षाएं

  • जब तर्क ठोस और अपरोक्ष अनुभव की भूमि पर आधारित नहीं होता, तो वह केवल कल्पित मानसिक संरचनाएं बनाता है जो अंततः अज्ञान को बढ़ावा देती हैं (जैसे उड़ने वाले हाथी का अतार्किक उदाहरण)।
  • तर्कदोषों के कारण ही चित्त में विपर्यय (गलत ज्ञान) और विकल्प (काल्पनिक ज्ञान) जैसी अशुद्ध वृत्तियाँ उत्पन्न होती हैं, जिन्हें अज्ञानी जीव सत्य मान बैठता है।
  • सत्संग और मनन का मुख्य उद्देश्य तर्क की अशुद्धियों को पहचानना और काटना है, ताकि साधक बिना किसी पूर्वग्रह के सत्य-असत्य का निष्पक्ष विश्लेषण कर सके।
  • जो बुद्धि तर्कदोषों से मुक्त होती है, उसी में वास्तविक विवेक का जन्म होता है, जो तत्व को जानने का एकमात्र साधन है।

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