व्यक्ति मनोशरीर पर आधारित एक अवधारणा है । मनोशरीर अनुभव है ।
मुख्य शिक्षाएं
- अनुभवकर्ता निर्गुण है - जो गुण दिखते हैं वे अनुभवों के हैं, अनुभवकर्ता के नहीं।
- व्यक्तित्व अहंकार का गुण है - 'मैं' की भावना से जुड़ा है। अनुभवकर्ता अहंकार से परे है।
- अनुभवकर्ता पर कोई भी गुण आरोपित करते ही वह अनुभव बन जाता है और अनुभवकर्ता पीछे हट जाता है।
- अनुभवकर्ता का वर्णन केवल नकारात्मक रूप से संभव है - 'नेति नेति' (यह नहीं, यह नहीं)।