प्रक्रिया परिकल्पना है । सभी प्रक्रियाओं का साक्षी अनुभवकर्ता है इसलिए वह किसी प्रक्रिया से उत्पन्न नहीं होता न उसमें कोई प्रक्रिया है ।
मुख्य शिक्षाएं
- अनुभवकर्ता में कोई प्रक्रिया नहीं - प्रक्रियाएं अनुभवों में होती हैं, अनुभवकर्ता में नहीं।
- वह निष्क्रिय है - सब कुछ उसके सामने घटित होता है, वह स्वयं कुछ नहीं करता।
- अनुभव की प्रक्रिया (इंद्रियां मन बुद्धि) अनुभवकर्ता की नहीं, अनुभव है।
- अनुभवकर्ता बदलता नहीं - वह अपरिवर्तनीय है। परिवर्तन अनुभवों में होते हैं।
- कर्ता का भाव अनुभवकर्ता पर आरोपित है - वास्तव में अनुभवकर्ता अकर्ता है।