परिभाषा
- जटिल परिवर्तन दो से अधिक अवस्थाओं में होने वाला वह रूपांतरी चक्र है जो सरल या रैखिक नहीं होता।
- जब अनेक सरल नादरचनाएं परस्पर जुड़कर जटिल यौगिक संरचनाएं बनाती हैं, तो उनके परिणाम को जटिल परिवर्तन कहा जाता है।
मुख्य शिक्षाएं
- केवल दो अवस्थाओं के बीच होने वाला चक्रीय बदलाव सरल परिवर्तन (या नाद) कहलाता है; जबकि जगत, जीवन, मन और समाज में होने वाले अधिकांश परिवर्तन अत्यंत जटिल होते हैं।
- मनुष्य का शरीर, आंगिक प्रणालियाँ, विचार, भावनाएं और सामाजिक संगठन जटिल परिवर्तनों और स्वयंसंगठन के ही परिणाम हैं।
- यद्यपि जटिल परिवर्तनों का सटीक पूर्वानुमान लगाना हमारी सीमित बुद्धि के लिए कठिन होता है, परंतु मूलतः वे भी नियमबद्ध और कलनीय (एल्गोरिथमिक) प्रक्रियाओं से ही संचालित होते हैं।
- ज्ञानमार्ग पर इन जटिल परिवर्तनों के ताने-बाने (माया) का विश्लेषण करके उसके मूल कारण यानी सरल नाद और शून्यता तक पहुँचना ही विज्ञान और अध्यात्म का समन्वय है।