दम (संस्कृत: दम)
षट सम्पत्ति का दूसरा
गुण है —
इंद्रियों का नियंत्रण, बाह्य इंद्रियों को विषयों से हटाना।
मुख्य शिक्षाएं
- दम का अर्थ है इंद्रियों को उनके विषयों (शब्द, स्पर्श, रूप, रस, गंध) से नियंत्रित करना।
- यह शम (मन के नियंत्रण) से भिन्न है — शम आंतरिक है, दम बाह्य।
- दम के बिना मन शांत नहीं हो सकता — इंद्रियां विषयों में भटकती रहती हैं।
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