दम


दम (संस्कृत: दम) षट सम्पत्ति का दूसरा गुण है — इंद्रियों का नियंत्रण, बाह्य इंद्रियों को विषयों से हटाना।

मुख्य शिक्षाएं

  • यह शम (मन के नियंत्रण) से भिन्न है — शम आंतरिक है, दम बाह्य।
  • दम के बिना मन शांत नहीं हो सकता — इंद्रियां विषयों में भटकती रहती हैं।

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