परिभाषा
- ज्ञानमार्ग पर, मन सूक्ष्म शरीर का एक अंग है — यह अनुभव और इच्छा का केंद्र है।
मुख्य शिक्षाएं
- मन अनुभवकर्ता नहीं है — यह अनुभव का एक रूप है जो स्मृति में उठता है।
- मन की पांच वृत्तियां हैं: प्रमाण (सही ज्ञान), विपर्यय (गलत ज्ञान), विकल्प (कल्पना), निद्रा (नींद), और स्मृति।
- मन एक यंत्र है — अनुभवकर्ता मन का उपयोग करता है पर मन स्वयं नहीं है।