परिभाषा
- नादविज्ञान (या नाद का प्रतिरूप) ज्ञानमार्ग पर माया या अनुभव की प्रकृति को समझने का वह वैज्ञानिक और गणितीय विश्लेषण है जो समस्त जगत और मानसिक गतिविधियों को परिवर्तनशील नाद तरंगों के रूप में व्याख्यायित करता है।
मुख्य शिक्षाएं
- नादविज्ञान के अनुसार, सभी अनुभव (ध्वनि, प्रकाश, स्वाद, स्पर्श आदि) शून्य में होने वाले केवल परिवर्तन की संभावना यानी नाद हैं, जो वास्तव में भौतिक नहीं हैं।
- इस विज्ञान में जटिल नादरचनाओं को उनके सरल नाद घटकों में तोड़ने और उनकी आवृत्तियों व मात्राओं का पता लगाने के लिए फॉरियर विश्लेषण (फॉरियर ट्रांसफॉर्म) का उपयोग किया जाता है।
- नाद की गति को आवृत्ति (एक सेकंड में होने वाले चक्र) और परिवर्तन के विस्तार को मात्रा कहा जाता है। इनके अनंत मिश्रणों से अनंत रचनाएं बन सकती हैं।
- यह विज्ञान यह स्पष्ट करता है कि इंद्रियों द्वारा कल्पित किए जाने वाले नियमित आकार (जैसे वृत्त) वास्तव में नियमों से बंधे नाद के ही परिणाम हैं, जिसे भग्नज्यामिति (फ्रेक्टल ज्योमेट्री) द्वारा भी समझा जा सकता है।