योग


परिभाषा

  • योग का यथार्थ अर्थ है— जुड़ना या एक होना। सब कुछ एक ही है, इस वास्तविक अद्वैत स्थिति में होना ही योग है और स्वयं को अनुभवों से अलग देखना वियोग है।
  • योग चित्त की चंचल वृत्तियों के पूर्ण नियंत्रण की वैज्ञानिक और व्यावहारिक विधि है।

मुख्य शिक्षाएं

  • योग चित्त की वृत्तियों को शांत करके चेतना को उच्च स्तरों पर स्थापित करता है। महर्षि पतंजलि का योग सूत्र इस साधना का शास्त्रीय ग्रंथ है।
  • पतंजलि के अष्टांग योग (यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि) के द्वारा चित्त को एकाग्र और शुद्ध किया जाता है।
  • ज्ञानमार्ग पर योग को सीधे ज्ञान प्राप्त करने के बजाय चित्त को शांत करने, विक्षेपों को मिटाने और बुद्धि को शुद्ध (चित्तशुद्धि) करने वाले एक परम उपयोगी साधन के रूप में स्वीकार किया जाता है।
  • जब चित्त पूरी तरह शांत और एकाग्र हो जाता है, तब अपरोक्ष अनुभव और तर्क के द्वारा मूलज्ञान की साक्षात प्राप्ति सुगम हो जाती है।

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