परिभाषा
- निदिध्यासन ज्ञानमार्ग की वह मुख्य साधना और अभ्यास है जिसमें साधक श्रवण और मनन द्वारा प्राप्त आत्मज्ञान को अपने जीवन में पूरी तरह स्थापित करके निरंतर अपने सत्य स्वरूप अनुभवकर्ता में अवस्थित रहता है।
- यह 'मैं' और 'मेरा' की भ्रामक मान्यताओं का त्याग करके ज्ञान में स्थापित होने की क्रिया है।
मुख्य शिक्षाएं
- निदिध्यासन का अर्थ कोई आंखें मूंदकर कृत्रिम ध्यान लगाना या सांस रोकना नहीं है; बल्कि इसका अर्थ है हर समय यह स्मरण रखना कि 'मैं कोई भी आने-जाने वाला अनुभव नहीं हूँ, मैं केवल साक्षी हूँ'।
- इस अभ्यास में अहम् भाव का पूर्ण विसर्जन होता है और जीवन की समस्त गतिविधियों को निर्लिप्त भाव से केवल एक खेल या स्वप्न की भांति देखा जाता है।
- निदिध्यासन साधक को सांसारिक द्वंद्वों से मुक्त करके आनंद और अखंड शांति की पृष्ठभूमि (सहज समाधि) में स्थापित करता है।
- निदिध्यासन को अपनी जीवनशैली बना लेने पर साधक का चित्त पूरी तरह शांत और एकाग्र हो जाता है।