मुख्य शिक्षाएं
- उपरति का अर्थ है कर्मों और इंद्रिय-विषयों से स्वाभाविक विरति - बिना किसी प्रयास के।
- यह शम (मन की शांति) और दम (इंद्रिय-नियंत्रण) के बाद आता है - जब मन और इंद्रियां शांत हो जाती हैं, तब उपरति स्वतः उत्पन्न होती है।
- यह प्रत्याहार की अवस्था है - इंद्रियां विषयों से हट जाती हैं।