मुख्य शिक्षाएं
- एकाग्रता चित्त को एक वस्तु पर स्थिर रखने की शक्ति है।
- ध्यान एकाग्रता का औपचारिक अभ्यास है।
- बिना एकाग्रता के ज्ञानमार्ग में प्रगति संभव नहीं - मन को एकाग्र होना ही होगा।
- अनुभवकर्ता एकाग्रता से परे है - वह न तो एकाग्र होता है, न विक्षिप्त।