षट्सम्पत्ति
साधक के छह
गुण हैं। ये
साधक को
ज्ञानमार्ग पर आगे बढ़ने के लिए अनिवार्य हैं।
मुख्य शिक्षाएं
षट्सम्पत्ति के छह
गुण:
- १ - शम या सम - मन की शांति, मन को वश में करना, विचारों को नियंत्रित रखना, काम, क्रोध, लोभ, मोह आदि का आभाव ।
- ३ - उपरति - संसार से विरक्ति, सांसारिक विषयों या आसक्तियों से मन को हटाना, समाज, अन्यजन या सांसारिक क्रियाकलापों में अरुचि।
- ४ - तितिक्षा - जीवन के द्वंद्वों (जैसे सुख-दुःख, सर्दी-गर्मी, हानि, या कष्ट) सहने की क्षमता, सहनशीलता, लगे रहना , दृढ़ संकल्प होना ।
- ६ - श्रद्धा - गुरु और शास्त्र में विश्वास, गुरु और शास्त्र के कथन का सत्य जानने का प्रयास करना। अंधश्रद्धा का आभाव।
ये छह गुण
साधक को
ज्ञान प्राप्ति के लिए तैयार करते हैं।
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