परिभाषा
- सूक्ष्मेंद्री (या सूक्ष्म इंद्रियां) चित्त की वे प्रसुप्त और उच्चतर संवेदन क्षमताएं हैं जो स्थूल बाह्य इंद्रियों की पहुँच से परे सूक्ष्म लोकों, प्रक्रियाओं और ध्यान के असाधारण अनुभवों को ग्रहण करती हैं।
- ये इंद्रियां मानसिक इंद्रियों के पार सूक्ष्म स्तर पर कार्य करती हैं।
मुख्य शिक्षाएं
- सूक्ष्म इंद्रियों का जागरण होने पर जीव में तरह-तरह की क्षमताएं (सिद्धियां) स्वतः ही प्रकट होने लगती हैं, जैसे अंतर्ज्ञान, सूक्ष्म संचार या दूरदर्शन।
- सामान्य संसारी मनुष्यों में ये इंद्रियां पूरी तरह सुप्त होती हैं, जबकि गंभीर साधना, ध्यान और साक्षीभाव में रहने से ये विकसित हो जाती हैं।
- ज्ञानमार्ग के अनुसार, सूक्ष्म इंद्रियों द्वारा प्राप्त होने वाले अनुभव भी परिवर्तनशील और क्षणभंगुर होने के कारण अंततः असत्य (माया) ही हैं।
- अनुभवकर्ता इन सूक्ष्म इंद्रियों और इनके द्वारा होने वाले सभी चमत्कारी संवेदनों का भी निर्लिप्त साक्षी है।