संसार


परिभाषा

  • यह दुख का मूल कारण है — जब तक अज्ञान है, संसार का चक्र चलता रहता है।

मुख्य शिक्षाएं

  • संसार से मुक्ति (मोक्ष) आत्मज्ञान से होती है — यह जानना कि 'मैं' यह शरीर या मन नहीं हूं।
  • संसार कोई स्थान नहीं, बल्कि एक प्रक्रिया है — चेतना का अनुभवों से निरंतर जुड़ाव।
  • जीव (व्यक्तिगत आत्मा) ही संसार में भटकता है — आत्मा सदा मुक्त है।

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