परिभाषा
- ज्ञानमार्ग पर, वासनाएं कर्म के चक्र का मूल कारण हैं — ये अनुभव और पुनर्जन्म को संचालित करती हैं।
मुख्य शिक्षाएं
- वासनाएं स्मृति में रचना के रूप में संग्रहीत होती हैं — अनुकूल परिस्थितियों में ये सक्रिय हो जाती हैं।
- वासनाओं के तीन प्रकार हैं: लोक वासना (संसार की इच्छा), शास्त्र वासना (शास्त्रों की इच्छा), और देह वासना (शरीर की इच्छा)।
- वासनाएं आत्मज्ञान से नष्ट नहीं होतीं, पर उनसे पहचान समाप्त हो जाती है।
- अनुभवकर्ता वासनाओं का साक्षी है — वह वासनाओं से प्रभावित नहीं होता।