मुक्त चित्त वह
चित्त है जो
वृत्तियों,
संस्कारों, और
वासनाओं से मुक्त हो गया है। यह
आत्मज्ञान के बाद की
अवस्था है।
मुख्य शिक्षाएं
- मुक्त चित्त में आसक्ति नहीं होती - सब कुछ समता से देखा जाता है।
- ज्ञानमार्ग का लक्ष्य मुक्त चित्त प्राप्त करना है - जहां सत्य स्पष्ट दिखता है।
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